पं. भातखंडे और आचार्य श्री. ना. रातंजनकर जी के बंदिशों का गायन

i) पंडित भातखंडेजी की क्रमिक पुस्तक मालिका के छह खंडों में शामिल 1898 बंदिशें पंडित एस.सी.आर. भट्ट और पंडित के.जी. गिंडे के वरिष्ठ शिष्य पंडित इंदुधर निरोडी द्वारा गाई हैं। इस अत्यंत सराहनीय उपक्रम में बंदिशों के ऑडियो क्लिप छात्र सुन सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं क्योंकि वे वेबसाइट पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।
swarasankula.org
ii) आचार्य श्री. ना. रातंजनकरजी की स्वनिर्मित बंदिशें उनके " अभिनव गीत मंजरी" इस किताबके तीन भागोंमें संग्रहित की हैं। उन बंदिशों का गायन मुख्यतः पंडित K G गिंडे साहबने गायी हुई हैं। उनके ऑडिओज की लिंक्स नीचे दी हुई हैं। बन्दिशोंके सिवाय जो वर्णम्, ताललक्षण गीत और अभंग कंपोज की हैं , उनकी लिंक्स भी दी हुई हैं।

1.
अभिनव गीत मंजरी भाग 1 बंदिशें
2.
अभिनव गीत मंजरी भाग 2 बंदिशें
3.
अभिनव गीत मंजरी भाग 3 बंदिशें
4.
वर्णम्
5.
ताललक्षण गीत
6.
अभंग